Radhe Radhe aap sabhi ko
आज हम यह जानेंगे श्री कृष्ण की, महत्वपूर्ण बातें ,जो हमें जीवन जीने का मार्ग बताएगी |
वह कहते हैं ना कर्म करते रहो फल की चिंता मत करो बंदे जो होता है जो हो रहा है और जो होगा वह ईश्वर की मर्जी के बावजूद ही होता है उन्हीं की मर्जी उन्हीं की इच्छा से हो रहा है |
श्लोक मंत्र |
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
अर्थ: सहित
तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल (परिणाम) पर कभी नहीं।
इसलिए कर्म के फल को अपना कारण मत मानो और कर्म न करने में भी तुम्हारी आसक्ति न हो।
