Chapter 1: Unknown Number
रात के 1:27 बजे थे। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। राहुल अपने कमरे में अकेला बैठा था और मोबाइल पर वीडियो देख रहा था। तभी अचानक उसके फोन की स्क्रीन चमकी।
Unknown Number Calling…
राहुल ने सोचा कोई गलत नंबर होगा, लेकिन फिर भी उसने कॉल उठा लिया।
"Hello… कौन?" राहुल ने पूछा।
कुछ सेकंड तक दूसरी तरफ बिल्कुल खामोशी रही। फिर एक धीमी और घबराई हुई आवाज़ आई—
"राहुल… ध्यान से सुनो… जो भी हो, आज रात दरवाज़ा मत खोलना।"
राहुल चौंक गया।
"तुम कौन हो? और मेरा नाम कैसे जानते हो?"
दूसरी तरफ से आवाज़ आई—
"क्योंकि… मैं ही राहुल हूँ… बस 10 मिनट आगे का।"
राहुल को लगा कोई मज़ाक कर रहा है। तभी अचानक दरवाज़े पर knock हुआ।
ठक… ठक… ठक…
राहुल का दिल तेज़ी से धड़कने लगा।
फोन वाली आवाज़ घबराकर बोली—
"वही आ गया… राहुल, प्लीज़ दरवाज़ा मत खोलना… अगर तुमने दरवाज़ा खोला, तो सब खत्म हो जाएगा…"
लेकिन knock और तेज़ होने लगा।
राहुल धीरे-धीरे दरवाज़े की तरफ बढ़ा…
और जैसे ही उसने handle पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, फोन पर आखिरी आवाज़ आई—
"राहुल… अगर तुम यह सुन रहे हो… तो शायद मैं अब ज़िंदा नहीं हूँ…"
To Be Continued…
