कैप्टन ड्रैगो के भारी कदमों की आहट जैसे ही गलियारे के मोड़ पर ओझल हुई, महल की दीवारों में कैद सन्नाटा फिर से मुझ पर हमला करने लगा। वह सन्नाटा भारी था, मानो सदियों की धूल और उपेक्षा ने उसे और भी सघन बना दिया हो। मैं वहीं फर्श पर पड़ा रहा, मेरी छाती धौंकनी की तरह चल रही थी। हर सांस के साथ ऐसा लगता था जैसे मेरे फेफड़ों के अंदर कोई कांच के टुकड़े रगड़ रहा हो।
यह देह। मैंने अपने कांपते हाथों को देखा।
एक वैज्ञानिक के रूप में, मैं जानता था कि शरीर केवल एक मशीन है। लेकिन यह मशीन—राजकुमार वैलेरियस का यह शरीर—पूरी तरह से ऑप्टिमाइज्ड नहीं था। सुब्बू के रूप में, मैंने हमेशा माना था कि हर चीज का एक तर्क होता है। लेकिन यहाँ, एथेरियन में, तर्क हवा में तैरते उन द्वीपों की तरह था जो भौतिकी के नियमों को चिढा रहे थे। वैलेरियस की यादें मेरे दिमाग में धुंधली तस्वीरों की तरह तैर रही थीं। वह एक माना-लेस राजकुमार था। एथेरियन के समाज में, जिसके पास एथर नहीं था, उसे कचरे से भी कम समझा जाता था।
मैंने अपनी दाहिनी आँख को छुआ। वहां की त्वचा अभी भी जल रही थी।
ईविल आई, मैं फुसफुसाया।
मेरी दाहिनी आँख के अंदर का वह काला पोर्टल केवल एक श्राप नहीं था। सुब्बू के दिमाग ने तुरंत इसका विश्लेषण शुरू किया। अगर एथर इस दुनिया का मैटर है, तो मेरी यह आँख एंटी-मैटर जैसा कुछ थी। यह ऊर्जा का सृजन नहीं करती थी, बल्कि उसे नष्ट या रूपांतरित करती थी।
तभी, मलबे के एक बड़े ढेर के पीछे से पत्थर के रगड़ने की आवाज आई। मेरी ईविल आई में एक हल्की सी सुगबुगाहट हुई। यह अंधेरे में भी ऊष्मीय ऊर्जा को महसूस कर सकती थी।
वहाँ कौन है? मेरी आवाज फटी हुई थी, लेकिन उसमें वह अधिकार था जो किसी सम्राट की रूह से ही निकल सकता था।
राजकुमार? एक कांपती हुई, कोमल आवाज आई।
मलबे के पीछे से एक साया उभरा। वह एक लड़की थी, मुश्किल से अठारह-उन्नीस साल की। उसके चेहरे पर कालिख लगी थी और उसके रेशमी कपड़े फटे हुए थे। यह एलेरा थी। वैलेरियस की यादों के एक कोने से यह नाम उभर कर आया—महल की वह दासी जिसे वैलेरियस ने एक बार शाही कोड़ों की सजा से बचाया था। तब से वह उसकी एकमात्र वफादार साथी रही थी।
एलेरा?
वह दौड़कर मेरे पास आई और घुटनों के बल गिर पड़ी। उसकी आँखों में गहरा डर था, लेकिन जब उसकी नजर मेरी दाहिनी आँख से बहते काले खून पर पड़ी, तो वह ठिठक गई।
आपकी। आपकी आँख! राजकुमार, ड्रैगो ने कहा था कि जहर ने आपका काम तमाम कर दिया है। मैंने अपनी आँखों से उन्हें आपको जहर देते देखा था। फिर आप...
मृत्यु ने मुझे अस्वीकार कर दिया, एलेरा, मैंने उसे सहारा देते हुए कहा, हालाँकि मेरा अपना शरीर मेरा साथ नहीं दे रहा था। लेकिन अभी हमारे पास रोने या सवाल करने का समय नहीं है। ड्रैगो को पता चल चुका है कि मैं जीवित हूँ। वह अकेला नहीं लौटेगा। एथेरियन के सन-गार्ड्स जल्द ही यहाँ होंगे।
एलेरा ने मुझे उठाने की कोशिश की। लेकिन हम कहाँ जाएँगे? इस द्वीप के हवाई जहाज उन्होंने पहले ही नष्ट कर दिए हैं। हम यहाँ फँस चुके हैं, राजकुमार। नीचे केवल अनंत बादलों का सागर है।
मैंने खिड़की की ओर देखा। एथेरियन का आकाश अद्भुत और डरावना था। तैरते हुए द्वीप, जिन्हें फ्लोटिंग कॉन्टिनेंट्स कहा जाता था, किसी जादुई शक्ति के कारण गुरुत्वाकर्षण को मात दे रहे थे।
विज्ञान यहाँ काम नहीं करता, पर ऊर्जा के नियम कभी नहीं बदलते, मैंने मन ही मन सोचा। अगर यह द्वीप हवा में है, तो इसका मतलब है कि इसके नीचे कोई शक्तिशाली थ्रस्ट या मैग्नेटिक लेविटेशन जैसा स्रोत होना चाहिए।
एलेरा, मैंने उसकी आँखों में सीधे देखते हुए पूछा, क्या इस महल के नीचे कोई एथर-कोर है? वह स्रोत जो इस पूरे खंडहर को हवा में थामे हुए है?
एलेरा की आँखें फैल गईं। हाँ, पर वह प्रतिबंधित क्षेत्र है। उसे छूना मौत को दावत देना है। वहाँ की ऊर्जा इतनी अस्थिर है कि वह किसी भी गैर-जादुई इंसान को राख कर सकती है।
मैं पहले ही मौत से हाथ मिला चुका हूँ, मैंने एक खौफनाक मुस्कान के साथ कहा। वही कोर हमारा एकमात्र रास्ता है। मुझे उस ऊर्जा की जरूरत है ताकि मैं इस शून्य को एक दिशा दे सकूँ।
जैसे ही हम तहखाने की ओर मुड़े, मेरे कानों में फिर से वही फुसफुसाहटें गूँजने लगीं। वॉइड की ईकोज। वे साये की तरह दीवार पर नाच रहे थे।
मुझे कुछ महसूस हुआ। मेरे न्यूरॉनों में ज्ञान बिजली की तरह दौड़ गया। मेरा शरीर अभी बहुत कच्चा है। यदि मैंने उस शुद्ध ऊर्जा को छुआ, तो मेरी नसें किसी जलते हुए तार की तरह पिघल जाएँगी। शून्य को नियंत्रित करने के लिए रक्त की बलि देनी पड़ती है। तो लगने दो, अगर मैं एक कमजोर राजकुमार की तरह मारा गया, तो मेरी इस दूसरी जिंदगी का क्या फायदा?
हम तहखाने की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर उतरे। वहां की हवा भारी और ठंडी थी, और ओजोन की एक तीखी गंध वातावरण में भरी हुई थी। एलेरा का हाथ मेरे कंधे पर कांप रहा था।
राजकुमार, मुझे डर लग रहा है, वह फुसफुसाई। एथर-हाउंड्स। वे यहीं कहीं होंगे।
मैंने अपनी ईविल आई को थोड़ा और केंद्रित किया। अंधेरे गलियारे के अंत में, मुझे दो चमकती हुई नीली बिंदु दिखाई दिए। नहीं, वे बिंदु नहीं थे। वे आँखें थीं—विनाशकारी जादुई ऊर्जा से भरी आँखें।
तहखाने की सीढ़ियाँ खत्म होते ही सामने जो गलियारा खुला, वह किसी प्राचीन कब्रगाह जैसा ठंडा था। दीवारों पर लगे मशालों में आग नहीं, बल्कि नीले एथर-क्रिस्टल जल रहे थे, जिनसे निकलने वाली रोशनी वातावरण को और भी डरावना बना रही थी। लेकिन मेरी नजरें उन दो आकृतियों पर जमी थीं जो अंधेरे से धीरे-धीरे बाहर निकल रही थीं।
एथर-हाउंड्स।
ये साधारण जानवर नहीं थे। इनका शरीर किसी पारभासी नीली ऊर्जा से बना था, जिसके अंदर उनकी हड्डियों के बजाय बिजली की धमनियां दौड़ती साफ दिख रही थीं। उनकी लार जमीन पर गिरते ही पत्थरों को जला रही थी। एथेरियन के जादुई सिद्धांतों के अनुसार, ये शुद्ध एथर-मैनिफेस्टेशन थे—यानी ऊर्जा को दिया गया एक हिंसक आकार।
एलेरा, मेरे पीछे रहो, मैंने उसे दीवार की ओर धकेला।
लेकिन राजकुमार। आप निहत्थे हैं! उसकी आवाज डर के मारे बैठ गई थी।
निहत्था? सुब्बू के रूप में मैंने दुनिया की सबसे खतरनाक मशीनों और रसायनों के साथ खेला था। मेरे पास हाथ में तलवार नहीं थी, लेकिन मेरे पास ब्रह्मांड का सबसे मौलिक हथियार था—एंट्रोपी।
जैसे ही पहला हाउंड झपटा, उसकी गति इतनी तेज थी कि एक सामान्य मानवीय आँख उसे देख भी नहीं पाती। लेकिन मेरी ईविल आई ने उस पल को स्लो मोशन में बदल दिया। सुब्बू के वैज्ञानिक मस्तिष्क ने तुरंत गणना की: वेग—चालीस मीटर प्रति सेकंड, कोण—पंद्रह डिग्री नीचे की ओर, लक्ष्य—मेरा गला।
मैंने अंतिम सेकंड में खुद को नीचे झुकाया। हाउंड मेरे ऊपर से निकला, उसकी बिजली जैसी देह से निकली गर्मी ने मेरे बालों को झुलसा दिया। वह दीवार से टकराया और एक बिल्ली की तरह वापस मुड़ा।
मास्टर, आपकी धड़कनें एक सौ अस्सी प्रति मिनट पहुँच चुकी हैं, वॉइड की ईकोज मेरे दिमाग में हँस रहे थे। आपकी एथर-नसें इस दबाव में फटने वाली हैं। क्या आप अभी भी मौत को चुनौती देंगे?
चुप रहो! मैंने मन ही मन चिल्लाया।
मुझे एक ओपन सर्किट की जरूरत थी। मैंने देखा कि पास की दीवार में एक बड़ा एथर-क्रिस्टल जड़ा हुआ था जो गलियारे को रोशनी दे रहा था। मेरा शरीर कांप रहा था, जहर के कारण मेरी मांसपेशियाँ जवाब दे रही थीं, लेकिन मेरी इच्छाशक्ति अभी भी अडिग थी।
दूसरा हाउंड अब दाईं ओर से हमला करने के लिए तैयार था। उसने अपना मुँह खोला और उसके गले के अंदर नीली बिजली का एक गोला बनने लगा।
राजकुमार, हटिए! एलेरा चिल्लाई।
उसने बिजली का गोला दागा। मैंने भागने के बजाय अपनी हथेली आगे कर दी। सुब्बू का भौतिक विज्ञान का ज्ञान मेरे काम आया। अगर बिजली को रास्ता मिल जाए, तो वह शरीर को जलाती नहीं, बल्कि उसमें से प्रवाहित हो जाती है। लेकिन यह साधारण बिजली नहीं थी। यह जादुई ऊर्जा थी।
मैंने अपनी ईविल आई की शक्ति को अपनी हथेली के पोरों पर केंद्रित किया। जैसे ही वह नीला गोला मेरी हथेली से टकराया, मैंने उसे सोखा नहीं—मैंने उसे कंडक्ट किया।
एक पल के लिए, मेरा पूरा शरीर नीली रोशनी से भर गया। दर्द ऐसा था मानो मेरी हर कोशिका को जिंदा जलाया जा रहा हो। मेरा खून खौलने लगा। लेकिन उस असहनीय पीड़ा के बीच, मैंने उस ऊर्जा को अपने शरीर के शून्य के साथ मिला दिया।
अब। इसे वापस लो!
मैंने वही ऊर्जा, वॉइड के काले धुएँ के साथ मिलाकर, पहले हाउंड की ओर वापस छोड़ दी। यह न्यूटन के तीसरे नियम का एक जादुई संस्करण था। नीली बिजली अब काली पड़ चुकी थी और उसकी तीव्रता दस गुना बढ़ गई थी।
वह हाउंड हवा में ही फटा। कोई मांस या खून नहीं गिरा, बस नीली और काली चिंगारियाँ गलियारे में बिखर गईं। वह जानवर वापस अपनी मूल ऊर्जा में बदल चुका था।
पर इसकी कीमत भयानक थी। मेरी दाहिनी हथेली की त्वचा पूरी तरह काली पड़ गई थी और वहां से गहरा काला खून रिस रहा था।
एक। और। मैं घुटनों के बल गिर गया, मेरी साँसें उखड़ रही थीं।
दूसरा हाउंड अब गुस्से में था। उसने महसूस कर लिया था कि उसके सामने कोई कमजोर राजकुमार नहीं, बल्कि कुछ और ही खड़ा है। उसने छलांग लगाई, इस बार हमला सीधा और क्रूर था।
वॉइड। रेजोनेंस!
मैंने अपने शरीर के अंदर बची-कुची आखिरी ऊर्जा को एक फ्रीक्वेंसी पर सेट किया। सुब्बू के रूप में, मैं जानता था कि हर वस्तु की एक नेचुरल फ्रीक्वेंसी होती है। अगर आप उस फ्रीक्वेंसी पर प्रहार करें, तो दुनिया की सबसे मजबूत चीज भी टूट जाती है।
मैंने अपनी मुट्ठी जमीन पर दे मारी। फर्श से एक काली लहर उठी जो सीधे हाउंड के पैरों से टकराई। जैसे ही काली ऊर्जा उसके नीले शरीर से मिली, हाउंड का अस्तित्व अनस्टेबल होने लगा। वह किसी फटे हुए प्रोजेक्टर की इमेज की तरह झिलमिलाने लगा और अगले ही पल, वह एक दर्दनाक गूँज के साथ शून्य में विलीन हो गया।
सन्नाटा छा गया। केवल मेरे हाँफने और एलेरा की दबी हुई सिसकियों की आवाज आ रही थी।
राजकुमार, आपने यह कैसे किया? एलेरा मेरे पास आई, उसका चेहरा सफेद पड़ चुका था। यह जादू नहीं था। यह कुछ और ही था।
यह विज्ञान है, एलेरा। जिसे देवताओं ने श्राप का नाम दिया है, मैंने अपने खून को पोंछते हुए कहा।
मैंने सिर उठाकर गलियारे के अंत में देखा। वहाँ एक विशाल गोलाकार दरवाजा था, जिस पर प्राचीन एथेरियन भाषा में मंत्र लिखे थे। दरवाजे के पीछे से एक तीव्र गुंजन सुनाई दे रही थी।
एथर- कोर। वही इस द्वीप का दिल था। और वही मेरी अगली मंजिल। मुझे पता था कि अगर मैंने उसे छुआ, तो या तो मैं इस दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान बन जाऊँगा, या फिर मेरा अस्तित्व राख के एक ढेर में बदल जाएगा।
वह विशाल दरवाजा किसी प्राचीन गुफा के मुँह की तरह खुला था। जैसे ही हम अंदर दाखिल हुए, मेरी आँखों के सामने जो नजारा था, उसने सुब्बू के वैज्ञानिक तर्क को एक पल के लिए सुन्न कर दिया। कक्ष के केंद्र में एक विशाल नीलमणि जैसा क्रिस्टल हवा में तैर रहा था—यह एथर- कोर था। इससे निकलने वाली ऊर्जा इतनी तीव्र थी कि कमरे की हवा खुद- ब- खुद चमक रही थी।
राजकुमार, रुक जाइए! एलेरा ने मेरा हाथ पकड़ लिया। यह कोर बहुत ही अस्थिर है। इसकी ऊर्जा का दबाव आपकी फटी हुई नसों को पूरी तरह नष्ट कर देगा।
एलेरा, दबाव ही कोयले को हीरा बनाता है, मैंने उसका हाथ धीरे से हटाया। और अभी मेरा यह शरीर केवल कोयला है।
जैसे- जैसे मैं कोर की ओर बढा, मेरे शरीर की एथर- नसें नीली रोशनी से चमकने लगीं। लेकिन मेरी दाहिनी आँख—ईविल आई—प्रतिक्रिया दे रही थी। वह इस शुद्ध ऊर्जा को भोजन की तरह देख रही थी। मेरी दृष्टि में अब सब कुछ अंकों और तरंगों में बदल गया था।
कोर की प्रतिध्वनि लगभग चार सौ चालीस हर्ट्ज पर थी।
मास्टर, आप क्या करने जा रहे हैं? वॉइड की ईकोज की आवाज अब डरी हुई थी। यह आत्महत्या है! आपका शरीर एक छोटे से बल्ब जैसा है और आप इसे एक पावर ग्रिड से जोडने जा रहे हैं!
नहीं, मैंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, मेरी आँखों से काला खून बह रहा था। मैं बल्ब नहीं हूँ। मैं एक ब्लैक होल हूँ।
मैंने अपनी दोनों हथेलियाँ उस विशाल चमकते क्रिस्टल पर रख दीं।
ब्रह्मांडीय धमाका!
एक पल के लिए ऐसा लगा मानो मेरे शरीर के हर परमाणु को अलग किया जा रहा है। एथर की लहरें मेरी बाहों से होते हुए सीधे मेरे दिल में उतरीं। मेरा विजन सफेद हो गया। दर्द की सीमा पार हो चुकी थी; अब केवल एक सुन्न कर देने वाली ठंडक थी।
सुब्बू का दिमाग सक्रिय हुआ। अगर मैं इस ऊर्जा को अपने अंदर रोकूँ, तो मैं फट जाऊँगा। मुझे इसे कन्वर्ट करना होगा।
मैंने अपनी ईविल आई के वॉइड को एक फिल्टर की तरह इस्तेमाल किया। शुद्ध नीला एथर मेरी दाहिनी आँख में प्रवेश करता और वहां से काला होकर—यानी वॉइड- एथर बनकर मेरी नसों में दौडने लगता। यह एक अल्केमी थी जिसे एथेरियन के इतिहास में किसी ने नहीं सोचा था।
आहहहह! मेरी चीख पूरे तहखाने में गूँज उठी।
एलेरा ने देखा कि राजकुमार वैलेरियस के चारों ओर एक काला और नीला बवंडर बन गया था। अचानक, महल की जमीन हिलने लगी। कक्ष की छत दरकने लगी और बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। कोर की ऊर्जा का संतुलन बिगड़ चुका था।
राजकुमार! कोर टूट रहा है! यह पूरा द्वीप नीचे गिर जाएगा! एलेरा चिल्लाई।
पर मैं सुन नहीं पा रहा था। मेरी चेतना अब उस क्रिस्टल के साथ जुड़ चुकी थी। मुझे महसूस हुआ कि यह द्वीप केवल पत्थर का टुकडा नहीं था; यह एक एंटी- ग्रेविटी मशीन थी। और अब, वह मशीन बंद हो रही थी।
एक भयानक चरमराहट के साथ, पूरा महल तिरछा हो गया। द्वीप की स्थिरता खत्म हो गई और वह बादलों के महासागर की ओर झुकने लगा।
एलेरा, मेरी तरफ आओ! मैंने अपना हाथ बढाया।
जैसे ही उसने मेरा हाथ पकडा, एक जोरदार धमाका हुआ। एथर- कोर हजारों टुकडों में बिखर गया। वह जादुई आधार जो इस द्वीप को सदियों से हवा में थामे हुए था, अब गायब हो चुका था।
हम गिर रहे थे।
महल के मलबे के साथ, हम तेजी से हजारों फीट नीचे बादलों की ओर गिर रहे थे। हवा की गति इतनी तेज थी कि साँस लेना असंभव था। एलेरा ने डर के मारे अपनी आँखें बंद कर ली थीं, लेकिन मैं। मैं ऊपर देख रहा था।
बादलों के ऊपर, एथेरियन के मुख्य द्वीप अभी भी चमक रहे थे। वहां मेरे भाइयों के जादुई जहाज सुरक्षित थे। उन्होंने सोचा था कि मैं इस द्वीप के साथ नष्ट हो जाऊँगा।
अभी नहीं, मैंने गिरते हुए आसमान की ओर मुक्का ताना। अभी तो मैंने गुरुत्वाकर्षण के साथ खेलना शुरू किया है।
गिरते हुए मलबे के बीच, मेरी ईविल आई ने वॉइड का एक सुरक्षा घेरा बनाना शुरू किया। लेकिन तभी, मेरे दिमाग में एक नई गूँज सुनाई दी। यह वॉइड की ईकोज नहीं थी। यह कुछ और था—पुराना, परिचित और अटूट।
हिम्मत मत हारना, सुब्बू। मैं यहीं हूँ।
तभी, बादलों के नीचे से एक सुनहरी रोशनी ऊपर की ओर उठी। वह रोशनी हमें अपनी गोद में लेने के लिए आ रही थी। हम किसी घने, रहस्यमयी जंगल की ओर बढ रहे थे, जहाँ की वनस्पतियाँ खुद- ब- खुद चमक रही थीं।
जैसे ही हम उन जादुई पत्तियों पर गिरे, झटके ने मेरी बची-कुची ताकत को सोख लिया। मेरी चेतना धुंधली होने लगी, लेकिन बेहोश होने से पहले मैंने देखा कि तीन साये हमारी ओर बढ रहे थे। उनमें से एक की आँखें वैसी ही थीं जैसी मेरी कभी हुआ करती थीं।
स्वागत है, वैलेरियस, उस साये ने कहा।
अंधेरा छा गया।
