Cherreads

meri Zindagi part 8

Aniket_longre
7
chs / week
The average realized release rate over the past 30 days is 7 chs / week.
--
NOT RATINGS
95
Views
VIEW MORE

Chapter 1 - Meri Zindagi Part 8

पैरों के निशान का रहस्य

हम सब मिट्टी में बने उन ताज़े पैरों के निशानों को ध्यान से देख रहे थे।

वो निशान बिल्कुल साफ दिखाई दे रहे थे,

जैसे अभी-अभी कोई वहाँ से गुजरा हो।

लेकिन अजीब बात यह थी कि

निशान अचानक वहीं खत्म हो रहे थे।

सूरज ने धीरे से कहा,

"ऐसा कैसे हो सकता है… कोई यहाँ तक आए और फिर गायब हो जाए?"

हम सबके शरीर में डर की सिहरन दौड़ गई।

तभी अचानक हवा तेज़ चलने लगी।

कोहरा फिर से थोड़ा घना होने लगा।

मुझे अचानक वही सुबह याद आ गई…

जब हमने पहली बार उस आदमी को देखा था।

तभी मेरे दोस्त प्रियांशु ने कहा,

"रुको… मुझे कुछ आवाज़ सुनाई दे रही है।"

हम सब चुप हो गए।

कुछ सेकंड तक कुछ नहीं हुआ।

फिर दूर से कपों के टकराने की हल्की आवाज़ आई…

ठीक वैसी ही आवाज़

जैसी चाय की दुकान पर कप रखते समय आती है।

हम सबने एक साथ उस दिशा में देखा।

और फिर…

कोहरे के बीच हमें हल्की लाल रोशनी दिखाई दी।

वह रोशनी धीरे-धीरे साफ होने लगी।

और कुछ ही पल बाद

हम सबकी आँखें डर से फैल गईं।

क्योंकि वहाँ…

वही चाय की टपरी फिर से खड़ी थी।

बिल्कुल उसी जगह

जहाँ अभी कुछ देर पहले कुछ भी नहीं था।

और इस बार…

टपरी के अंदर

कोई खड़ा था।

वह आदमी धीरे-धीरे हमारी तरफ देख रहा था।

उसका चेहरा अभी भी साफ नहीं दिख रहा था।

लेकिन फिर उसने धीरे से हाथ उठाया…

और हमें इशारा करते हुए बोला —

"चाय पियोगे…?"

हम सबके शरीर में डर की लहर दौड़ गई।

क्योंकि हमें अब याद आया…

उस दिन…

हमने इसी आदमी के हाथ से चाय पी थी… 😨 please comment Karna na bhule