खाली सड़क… लेकिन कोई था
जब मैं उस सड़क पर पहुँचा तो चारों तरफ घना कोहरा था।
इतना कि सामने दस कदम भी नहीं दिख रहा था।
अचानक मुझे ऐसा लगा कि कोई मेरे पीछे चल रहा है।
मैंने पीछे मुड़कर देखा…
लेकिन वहाँ कोई नहीं था।
तभी अचानक मेरे सामने…
कोहरे के बीच एक हल्की रोशनी दिखाई दी।
वह वही चाय की टपरी थी।
लेकिन इस बार कुछ अजीब था…
टपरी बंद थी। please comment karna na bhule aagle part ke liye
