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Chapter 21 - अध्याय 21: क्रिस्टल झील का रहस्य (The Secret of the Crystal Lake)

पनडुब्बी (Submarine) गंदे सीवर के पानी को चीरती हुई आगे बढ़ रही थी। धीरे-धीरे, पानी साफ होने लगा था। शहर का कचरा पीछे छूट गया था और अब वे एक प्राकृतिक भूमिगत नदी में थे जो 'अनंत सागर' की ओर जा रही थी।

​अचानक, पनडुब्बी एक झटके के साथ रुक गई।

​"क्या हुआ?" विक्रम ने कंट्रोल पैनल देखते हुए पूछा।

​"मास्टर," स्पेल ने रिपोर्ट दी। "आगे का रास्ता 'आयरन-वाइन' (Iron-Vine) नामक म्यूटेंट पौधों के जाल से बंद है। पनडुब्बी के ब्लेड इसे नहीं काट सकते। आपको बाहर जाकर इसे मैनुअली काटना होगा।"

​विक्रम ने आह भरी। "ठीक है। आचार्य, आप और स्पेल यहीं रुको। मैं अभी आता हूँ।"

​विक्रम ने अपना 'जेडस्किन' (Jadeskin) सक्रिय किया। उसका शरीर एक पारदर्शी, सख्त कवच में बदल गया जिससे उसे पानी के अंदर सांस लेने की ज़रूरत नहीं थी। वह एयरलॉक से बाहर निकला और ठंडे पानी में तैरने लगा।

​जैसे ही उसने उन लोहे जैसी लताओं को अपनी तलवार से काटा, उसे चट्टानों के पीछे से एक अजीब, मनमोहक नीली रोशनी आती हुई दिखाई दी।

​"यह क्या है?" विक्रम की जिज्ञासा जाग गई। "क्या यह कोई खजाना है?"

​वह धीरे-धीरे तैरता हुआ उस रोशनी की ओर बढ़ा। लताओं के पीछे एक गुप्त गुफा थी। यहाँ का पानी सीवर जैसा नहीं था; यह 'अमृत' (Nectar) जैसा साफ और चमकदार था। गुफा की छत पर चमकते हुए क्रिस्टल लगे थे जो पानी को नीले और चांदी के रंग में नहला रहे थे।

​विक्रम ने पानी की सतह से अपना सिर बाहर निकाला।

​नज़ारा देखकर उसकी साँसें थम गईं।

​गुफा के बीचोबीच एक बड़ा सा, सपाट सफेद पत्थर था, जो पानी से थोड़ा ऊपर उठा हुआ था। उस पत्थर पर... एक आकृति थी।

​यह एक युवती थी।

​वह वहां बैठी ध्यान (Meditate) कर रही थी। उसकी त्वचा दूधिया सफेद थी और उस पर गुफा की नीली रोशनी ऐसे चमक रही थी जैसे वह खुद चांदनी से बनी हो। उसके लंबे, काले गीले बाल उसकी पीठ पर किसी झरने की तरह बिखरे हुए थे, जो उसके शरीर के कुछ हिस्सों को बड़ी खूबसूरती से ढक रहे थे।

​वह पूरी तरह से निर्वस्त्र थी।

​विक्रम सन्न रह गया। उसने अपनी जिंदगी में कई खूबसूरत औरतें देखी थीं (जैसे लेडी स्कारलेट), लेकिन इस लड़की की सुंदरता अलौकिक थी। उसका चेहरा किसी देवी की तरह शांत और पवित्र था। पानी की बूंदें उसके कंधों से फिसल रही थीं।

​विक्रम की आँखों को यकीन नहीं हो रहा था। यह एक 'रोमांटिक एक्सीडेंट' था, लेकिन बेहद खतरनाक भी। क्योंकि विक्रम का 'डोंगशुआन सूत्र' उसे बता रहा था कि इस लड़की के आसपास की ऊर्जा किसी शांत झील की तरह नहीं, बल्कि एक सोए हुए ज्वालामुखी की तरह है।

​विक्रम पीछे हटने ही वाला था कि तभी... पानी में एक छोटी सी हलचल हुई।

​लड़की की पलकें हिलीं और उसने अपनी आँखें खोल दीं।

​उसकी आँखें गहरी नीली थीं, समुद्र की गहराइयों जैसी। और वे सीधे विक्रम की आँखों में देख रही थीं।

​एक पल के लिए सन्नाटा छा गया। विक्रम पानी में गर्दन तक डूबा था, और लड़की पत्थर पर बैठी थी। दोनों की नज़रें मिलीं। उस पल में एक अजीब सा खिंचाव (Tension) था—सुंदरता की प्रशंसा और पकड़े जाने की शर्मिंदगी का मिश्रण।

​"अह... हलो?" विक्रम ने बहुत ही अजीब तरीके से हाथ हिलाया। "मैं... मैं बस रास्ता भटक गया था। माफ़ करना, मैंने कुछ नहीं देखा!"

​लड़की का चेहरा पहले आश्चर्य से भरा, फिर शर्म से लाल हुआ, और अंत में... बर्फ जैसा ठंडा हो गया।

​"धृष्टता!" (Audacity!)

​उसकी आवाज़ सुरीली थी, लेकिन उसमें मौत की गंध थी।

​उसने अपने हाथ हवा में लहराए। पानी की एक चादर ने तुरंत उसके शरीर को ढक लिया, जैसे उसने पानी का ही कपड़ा पहन लिया हो।

​"तुमने मेरी पवित्र साधना (Cultivation) में विघ्न डाला है... और मेरी देह को अपनी गंदी नज़रों से देखा है! अपनी आँखें छोड़ जाओ!"

​उसने अपनी हथेली विक्रम की ओर की।

​गुफा का पूरा पानी उबलने लगा। पानी की बूंदें हवा में उठीं और 'बर्फ की सुइयों' (Ice Needles) में बदल गईं। हज़ारों सुइयां, और सबका निशाना विक्रम की आँखें थीं।

​"अरे सुनिए तो! यह एक गलती थी!" विक्रम चिल्लाया।

​शू-शू-शू!

​सुइयां गोली की रफ्तार से आईं।

​विक्रम ने तुरंत पानी के अंदर गोता लगाया और 'सेवन ट्विस्ट्स' (Seven Twists) का इस्तेमाल किया। वह पानी में एक मछली की तरह मुड़ा। सुइयां उसके कानों के पास से गुजरीं और पीछे की चट्टान को छलनी कर गईं।

​"यह लड़की... यह तो मुझे सच में मारना चाहती है!" विक्रम ने सोचा।

​लड़की अब पत्थर से उठ चुकी थी। पानी के भंवर पर खड़ी होकर वह किसी जल-देवी (Water Goddess) जैसी लग रही थी।

​"मर जाओ, विकृत इंसान (Pervert)!"

​उसने एक हाथ से इशारा किया। पानी ने एक विशालकाय 'जल-अजगर' (Water Dragon) का रूप ले लिया और विक्रम को निगलने के लिए झपटा।

​विक्रम के पास लड़ने के अलावा कोई चारा नहीं था। लेकिन वह एक खूबसूरत लड़की से लड़ना नहीं चाहता था, खासकर तब जब गलती उसकी (अनजाने में ही सही) थी।

​उसने अपनी 'दोहरी तलवारें' निकालीं, लेकिन हमला करने के लिए नहीं, बचाव के लिए।

​"यिन-यांग ब्लास्ट: सॉफ्ट फोर्स!"

​विक्रम ने जल-अजगर के सिर पर तलवार से वार किया, लेकिन उसने उसे काटा नहीं। उसने अजगर की ऊर्जा के प्रवाह को मोड़ दिया। अजगर विक्रम से टकराने के बजाय, उसके बगल से फिसल कर दीवार से टकरा गया।

​धड़ाम!

​गुफा हिल गई।

​लड़की थोड़ी हैरान हुई। "तुमने मेरे 'एक्वा ड्रैगन' को बिना तोड़े मोड़ दिया? तुम कौन हो?"

​विक्रम पानी की सतह पर आया, थोड़ा दूरी बनाते हुए। उसने अपनी सबसे आकर्षक (और निर्दोष) मुस्कान बिखेरी।

​"मैं बस एक यात्री हूँ, सुंदरी," विक्रम ने कहा। "मेरा विश्वास करो, अगर मुझे पता होता कि यहाँ इतनी खूबसूरत अप्सरा स्नान कर रही है... तो मैं शायद नॉक करके आता।"

​लड़की का गुस्सा थोड़ा कम नहीं हुआ, लेकिन उसके गालों पर लाली आ गई। "जुबान बंद करो! मैं प्रिंसेस मीरा (Princess Mira) हूँ, 'सी-फोक' (Sea Folk) की रक्षक। और तुम एक घुसपैठिये हो।"

​"सी-फोक?" विक्रम का दिमाग दौड़ा। 'मतलब यह इंसान नहीं है? यह जल-मानव प्रजाति की है?'

​इससे पहले कि वह कुछ और बोलता, पनडुब्बी से स्पेल की आवाज़ आई (कम्युनिकेटर पर)। "मास्टर! विशाल ऊर्जा संकेत आ रहे हैं! एक 'सीवर एलीगेटर' (Sewer Alligator) यहाँ आ रहा है, और वह खून का प्यासा है!"

​तभी, गुफा के प्रवेश द्वार पर एक भयानक दहाड़ गूंजी। एक विशालकाय मगरमच्छ, जिसकी खाल लोहे की थी और आँखें लाल, अंदर घुस आया।

​प्रिंसेस मीरा का ध्यान बंटा। वह अभी पूरी तरह से तैयार नहीं थी क्योंकि उसकी साधना बीच में टूट गई थी।

​मगरमच्छ ने मीरा को अकेला और कमजोर समझकर उस पर हमला कर दिया।

​"ध्यान से!" विक्रम चिल्लाया।

​मीरा ने बचाव करने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ की पूंछ ने उसे जोर से मारा। वह हवा में उड़ती हुई दीवार की तरफ गिरी।

​विक्रम के पास एक मौका था—भागने का। लेकिन फिर उसे उस लड़की की वह पहली झलक याद आई... और उसका वह गुस्सा।

​"लानत है," विक्रम ने अपनी तलवारें कस लीं। "मैं किसी सुंदरी को मगरमच्छ का खाना बनते नहीं देख सकता।"

​उसने 'सुपर स्पैंक' का इस्तेमाल किया और हवा में उछला। उसने मीरा को हवा में ही अपनी बांहों में कैच कर लिया।

​उसका गीला शरीर ठंडा और कोमल था। मीरा ने अपनी आँखें खोलीं और विक्रम का चेहरा अपने इतना करीब देखकर वह सन्न रह गई।

​"तुम..."

​"बाद में शुक्रिया अदा करना," विक्रम ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा। "पहले इस छिपकली को सबक सिखाते हैं।"

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